इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 10 खाद्य पदार्थ जो आपकी पॉकेट पर भारी नहीं पड़ेगें

इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 10 खाद्य पदार्थ जो आपकी पॉकेट पर भारी नहीं पड़ेगें

loading...

इम्यूनिटी बढ़ाने वाले 10 खाद्य पदार्थ जो आपकी पॉकेट पर भारी नहीं पड़ेगें

इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत (strong) बनाने के लिए आपको अपने आहार (diet) पर ध्‍यान देने की जरूरत है। बहुत से ऐसे आहार (diet) है जिनका सेवन करके आप इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत (strong) बना सकते है। जैसे, विटामिन सी से भरपूर भोजन अपने आहार (diet) में शामिल करें। विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा (orange), पपीता, अमरूद और स्ट्रॉबेरी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में मदद (help) करती हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाने (increase immunity) के लिए विटामिन सी और बीटा कैरोटिन बढ़िया है जो कि मौसमी, नीबू संतरे (oranges) आदि से प्राप्त होता है। जिंक के लिए सीफ़ूड और ड्राई फ्रूट्स (dry fruits) का इस्तेमाल करें। विटामिन के लिए फल और हरी सब्जियां (green vegetables) है। यह सारे खाद्य पदार्थ आपको असानी से मिल जायेंगे और आपकी जेब (pocket) पर भी भारी नहीं पड़ेगें।

विटामिन सी | Vitamin C

विटामिन सी फलों, हरी सब्जियों, टमाटर, शिमला मिर्च (capsicum), रसीले व खट्टे फलों में पाया जाता है। विटामिन सी (vitamin C) रक्त में कोलोस्ट्रोल के नियंत्रण में सहायक (helpful) होता है। विटामिन सी वाइट ब्लड सेल्स (blood cells) के अच्छे से कार्य करने में मदद (help) करता है , जिससे आपका इम्‍यून सिस्‍टम (immune system) मज़बूत होता है और किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में मदद (help) करता है।

लहसुन | Garlic

लहसुन (garlic) काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट बनाकर हमारे इम्यून सिस्टम को बीमारियों (diseases) से लड़ने की शक्ति देता है। इसमें एलिसिन नामक ऐसा तत्व पाया जाता है, जो शरीर (body) को इन्फेक्शन और बैक्टीरिया से लड़ने की शक्ति (strength) देता है। प्रतिदिन भोजन में लहसुन का इस्तेमाल करने से पेट के अल्सर (stomach ulcer) और कैंसर से बचाव होता है। रोजाना सुबह लहसुन (garlic cloves) की दो कलियों का सेवन हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित रखता है और इससे लंबे समय तक शरीर (body) का इम्यून सिस्टम भी मजबूत (strong) बना रहता है।

अलसी के बीज | Flax seeds

अलसी (flax seeds) वास्‍तव में गुणों की खान है। यह बात सही हैं कि लोग (people) इसके प्रति अधिक सजग नहीं होते। अलसी का नियमित सेवन (regular intake) हमें कई प्रकार के रोगों से छुटकारा (relief) दिला सकता है। अलसी में अल्फा लिनोलेनिक एसिड, ओमेगा 3 फैटी एसिड (acid) होता है, जो हमें कई रोगों से लड़ने की क्षमता (fighting strength) प्रदान करता है। ओमेगा 3 हमारे शरीर (body) के अंदर नहीं बनता इसे भोजन द्वारा ही ग्रहण किया जा सकता है। शाकाहारियों (vegetarians) के लिए अलसी ओमेगा फैटी थ्री एसिड का इससे अच्‍छा और कोई स्रोत (source) नहीं है।

हल्दी | Turmeric

हल्दी शरीर (body) में रक्त को शुध्द करती है, और शरीर (body) की काया और रंग को सुधारने में एक महत्वपूर्ण (important) रूप से कारगर है। यह एक सर्वगुण संपन्ना एंटीबायोटिक्स (anti biotic) तो है ही, साथी ही यह कैंसर से लेकर अल्झाइमर्स (Alzheimer) तक कई बीमारियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल (use) की जाती है। हल्दी में मौजूद कुरकूमिन ब्लड शुगर (blood sugar) को कम करता है और ग्लूकोज के चयाचपय को बढ़ाकर मधुमेह को नियंत्रित (control diabetes) रखता है।

दही | Curd

दही में दूध (milk) की अपेक्षा कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। दही के बैक्टीरिया (bacteria) तथा पोषक तत्व शरीर (body) के लिए एंटीबायोटिक का कार्य करते हैं और साथ ही रोगों से लड़ने की क्षमता (increase fighting capacity) भी बढ़ती हैं। दूध की अपेक्षा दही में प्रोटीन, लैक्टोज, कैल्शियम, लोहा (iron), फास्फोरस आदि कई विटामिन्स होते हैं, इसलिए दही (curd) को अधिक पोषक माना जाता है। दही के रोजाना सेवन से शरीर (body) की बीमारियों से लड़ने की क्षमता (power) बढ़ती है

बादाम | Almonds

विटामिन ई शरीर (body) में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले नैचरल किलर सेल्स (killer cells) को बढ़ाने में मदद (help) करता है,बादाम शरीर (body) में बी-टाइप की कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने का भी काम करता है। ये कोशिकाएं (tissues) एंटीबॉडीज बनाती हैं, जो शरीर (body) में मौजूद नुकसानदेह बैक्टीरिया को नष्ट करने में सहायक (helpful) होता है।

केकड़े, सीप और रेड मीट | Crab, Oyster and Red Meat

जिंक (zinc) मांसाहारी भोजन में पाया जाता है। जिंक शरीर (body) मे हार्मोन को संतुलित रखने, त्वचा को स्वस्‍थ बनाने, शरीर (body) को संक्रमण से बचाने व शरीर (body) की रोग (disease) प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक (helpful) होता है। इसलिए अपने आहार (diet) में केकड़ा, सीप और रेड मीट (red meat) को शामिल करें। शाकाहारियों में विशेष रूप से ज़िंक कि कमी का खतरा (risk) होता है इसलिए हरी फलीदार सब्जियां, साबुत अनाज (whole grain), जैसे राजमा, छोले आदि व सूखे मेवे (dry fruits) का भरपूर सेवन करें।

हरी पत्तेदार सब्जियां | Green Leafy Vegetables

आहार (diet) में सब्ज़ियाँ बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें विटामिन व खनिज अधिक मात्रा में होते हैं। लौह तत्व (iron elements), विटामिन-ए, विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन-सी, कैल्शियम और फाइबर (fiber) अच्छी मात्रा में मिलता है। इन में शक्तिशाली एंटीओक्सीडेनट्स होते हैं जो कैंसर का कारण (reason) बनने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म (finish) करते हैं अथवा उन्हें बढ़ने से रोकते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से पाचन (digestion) तंत्र दुरुस्त रहता है तथा पेट साफ रहता है। कब्ज (constipation) दूर करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां यानि फाईबर (fiber) बहुत हीं जरुरी है।

ग्रीन टी | Green Tea

ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सिडेंट (anti oxidant) सबसे ज्यादा होते हैं। इस लिए यह काफी फायदेमंद (beneficial) होती है, खासकर अगर बिना दूध और चीनी की पी जाए। इसमें कैलरी (calories) भी नहीं होतीं। ग्रीन टी में विटामिन सी (vitamin c) और पोलीफिनॉल के अलावा अन्य एंटी ऑक्सीडेंट (anti oxidants) भी पाये जाते हैं ,जो शरीर (body) में बैक्टीरिया नष्ट करके इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत (strong) बनाती हैं। यह मामूली जुखाम खासी में भी बहुत फायदेमंद (benefit) साबित होती है, इसमें शहद या नीबू (lemon) मिला कर भी आप पी सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *