डेंगू के 5 लक्षण और केयर टिप्स

डेंगू के 5 लक्षण और केयर टिप्स

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डेंगू के 5 लक्षण और केयर टिप्स

साधारण बुखार और डेंगू नुखर के लक्षण में अंतर करना लगभग नामुंकिन सा ही लगता है। डेंगू एक वायरल फेवर है जो के मादा मच्छर के काटने के द्वारा फैलता है और यह बुखार किसी भी आयुवर्ग के व्यक्ति को हो सकता है।

मच्छर के काटने के 4 से 7 दिन के बाद डेंगू के लक्षण सामने नज़र आने लगते हैं।

डेंगू बुखार होने पर रोगी को एवंम उसके परिवार के सदस्यों को घबराना नहीं चाहिए। नीम-हकीम के इलाजों से बचे, और किसी अच्छे से डॉक्टर से परामर्श लेकर उनके सुझाव के अनुसार ही रोगी की देखभाल करे|

अगर आप ठीक मात्रा में पानी पी रहे हैं और आपको हर 5-6 घंटे में पेशाब करने जाना पड़ता है तो यह आपके लिए एक अच्छा संकेत है|

“लेकिन अगर आपकी नज़र धुंधली हो रही है या शरीर में कही से भी रक्तस्राव हो रहा हो तो उसे अनदेखा नही करना चाहिए और अपने डॉक्टर से तुरंत इस पर परामर्श करना चाहिए|

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डेंगू के लक्षण इस प्रकार हैं | Dengue Symptoms

तेज़ बुखार: Strong Fever

डेंगू के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक है तेज़ बुखार है। डेंगू में रोगी को 102-103º F तक बुखार आना साधारण सी बात है।

बदन टूटना: Body Ache

डेंगू में ज़्यादातर मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होता है।

जी मिचलाना: Nausea

जी मिचलाना या नॉज़ीआ भी डेंगू का ही एक लक्षण है। डेंगू में आपको बहुत घबराहट महसूस होती है।

चकत्ते या रैशेस: Rashes

डेंगू में छोट-छोटे लाल चकत्ते या रैशेस हो जाते है। और इन रैशेस में कभी-कभी खुजली भी बहुत होती है।

आँख के पीछे दर्द: Pain in Eyes

ज़्यादातर डेंगू से पीड़ित लोगो को आँख के पीछे की तरफ दर्द की शिकायत रहती हैं। और यह दर्द आँखों की मूवमेंट से बढ़ता जाता है।

थकान : Laziness

डेंगू में रोगी को बहुत थकावट महसूस होती है।

अगर आपको ज्यादातर मौसम बदलने के समय ख़ासकर के बरसात के टाइम या उसके बाद तेज़ बुखार, बदन दर्द या चकत्ते होते है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए और अगर ज़रूरी हो तो मेडिकल जाँच कराए| मेडिकल जाँच के बाद ही डॉक्टर को पता चलेगा की आपको डेंगू बुखार हैं या नहीं।

डेंगू में चेतावनी के संकेत | Warning Signs of Dengue

डेंगू में चेतावनी के संकेत निम्नलिखित हैं: Warning Signs of Dengue are Written below

  • पेट में दर्द होना
  • नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव होना
  • रैशेस या चकतों का बढ़ना
  • चक्कर का आना
  • नज़र का धुंधलापन

अगर आपको उपर दिए किसी भी लक्षण का अनुभव होता है, तो आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इलाज करवाना चाहिए|

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डेंगू का उपचार | Treatment of Dengue

  • डेंगू का ट्रीटमेंट उसके लक्षण और गंभीरता पर ही निर्भर करता है।
  • Dengue का टेस्ट करवाने से ही उसकी गंभीरता का पता चलता है। इसमें रोगी के रक्त की जाँच होती है जिससे के रोगी के platelet count होते है और और ऐसे ही कई अन्य मापदंडों का भी पता चलता है।
  • टेस्ट के मुताबिक और डॉक्टर के सुझाव अनुसार डेंगू का उपचार घर पर या हॉस्पिटल में हो सकता है।
  • ज़्यादातर लोग घर पर ही ठीक से आराम आकरे, और अधिक से अधिक पानी पिए और डॉक्टर के द्वारा बताई गई सभी दवाओं को सही वक़्त पर रोजाना ले।
  • डेंगू खुद ही ठीक होने वाली बीमारी में से एक है जो के 7 से 10 दिन के अन्दर खुद ही ठीक हो जाती है।

अगर आपको डॉक्टर ने घर पर ही आराम की सलाह दी है तो आपको इन पाँच बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए:

  1. बुखार के ख़तम होने के 48 घंटे के बाद तक ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना ही बेहतर होगा:

जब डेंगू का बुखार उतर जाता है तो उसके 2 से 3 दिन के बाद तक, शरीर की रक्त धमनियों से पानी का रिसाव होता रहता है। और इस कारण से धमनियों में रक्त की मात्रा बहुत कम हो जाती है।   

बुखार के समाप्त होने के 24 से 48 घंटे बाद तक, ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें। ऐसा करने से रक्त धमनियों में रक्त की मात्रा बढ़ने लगेगी|

डेंगू बुखार में रोगी के लिए खाने में केवल तरल आहार का सेवन करना ही लाभकारी है।

सही मात्रा में पानी के सेवन से डेंगू के खतरे से आसानी से बचा जा सकता है।

  1. डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाओं का सही मात्रा में और सही वक़्त पर सेवन करें:

ज्यादा दवाई लेने से Dengue जल्दी ठीक हो जाएगा यह एक मिथ्या के अलावा कुछ नहीं है। ज़्यादा दवा लेने से उल्टा इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

केवल डॉक्टर के परामर्श से दी गयी निर्धारित दवाओं को उचित मात्रा में और सही समय पर लेना ही उचित है|

Dengue के बुखार में ibuprofen जैसी दवाओं का सेवन बिलकुल न करें , क्योंकि इससे रोगी में रक्तस्त्राव का खतरा बढ़ सकता है।

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  1. नोट करें कि रोगी कितनी बार पेशाब करने जाता है:

अगर रोगी हर 5-6 घंटे में पेशाब करने जाता है तो इससे आसानी से पता लगाया जा सकता है के रोगी के शरीर में पानी की कमी नहीं है। जो के एक बहुत अच्छा संकेत है। और अगर ऐसा नहीं होता तो अपने डॉक्टर से इस बारे में अवश्य बात करें। ऐसे में पेशाब के रंग एवं मात्रा पर भी अवश्य ध्यान देना चाहिए।

  1. डेंगू की चमत्कारी दवाओं से दूर रहें:

बाज़ार में कई ऐसे चमत्कारी दवाएँ मिलती हैं जो के Dengue के रोग को ख़तम करने का दावा करती है पर उनके पास इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। आप इनका सेवन बिलकुल न करें क्यूंकि इनेम कोई विश्ववसनीय नहीं हैं। और यह दवाई आपको लाभ पहुँचाने की जगह ज़्यादा नुक्सान भी पहुंचा सकती हैं। कुछ लोग पपीते की पत्तियों और कच्चे पपीते को को Dengue के उपचार में रामबाण दावा मानते है। लेकिन अभी तक वैज्ञानिक रूप से इस बात का कोई प्रमाण अभी तक नहीं मिला है।

  1. रोगी की सुविधा अनुसार देखभाल:

रोगी के आराम का ध्यान में रखते हुए ही उसकी देखभाल करनी चाहिए। Dengue के बुखार को कम करने के लिए रोगी को गीली पट्टी से स्नान कराए या माथे पे लगाये। यह तरीका रोगी के शरीर के तापमान को कम करने में काफी सहायक सिद्ध होता है। अगर रोगी चाहे तो, कमरे के तापमान को ठंडा रखने के लिए आप पंखा भी चला सकते है|

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